Films and Entertainment

मौन, स्मृति और शब्दों की खुशबू — Chaar Phool Hain Aur Duniya Hai का प्रभाव

मैंने विनोद कुमार शुक्ल को पढ़ना बहुत बाद में शुरू किया। दिलचस्प यह कि उनकी किताब पढने के पहले उनकी कहानी पर बनी मणि...

Adolescence — डिजिटल अंधेरे और टॉक्सिक रेज में खोती मासूमियत की दर्दभरी दास्तान

कल रात एक सिटिंग में Adolescence देखी और उसके बाद देर तक कहानी को प्रोसेस करता रहा। ढेरों बेतरतीब ख्याल - आज के टीनएजर्स...

Poor Things — आज़ादी, पहचान और पागलपन की कहानी

Emma Stone को इस साल बेस्ट एक्ट्रेस का Oscar मिला है, और सही कहें तो वे हकदार भी हैं. हाँ, इसपर थोड़ा डिबेट हो सकता है कि...

कल्चर के ठेकेदार और Mrs — एक सैटायर जो भीतर तक चुभ जाता है

हम तो भाई अपने कल्चर और ट्रेडिशन के ठेकेदार लोग हैं, तो हमारी समझ में यह #Mrs फिल्म और इस तरह की बाकी तमाम...

एक ऐसी फिल्म जो भीतर तक हिला दे — The Girl With The Needle

The Girl With The Needle आसान फिल्म नहीं है और हर कोई इसे देख भी नहीं सकता। यह एक बेहद हॉन्टिंग और असीम दुख की...

पायल कपाड़िया की ‘All We Imagine As Light’ — रिश्तों, शहर और अकेलेपन की गहरी कविता

थिएटर में फिल्में देखने का अनुभव ही बेहद अलग होता है, खासकर तब, जब माहौल शांत हो, कम दर्शक हों और ऐसा महसूस हो...

पिता-बेटी के रिश्ते, दर्द और ज़िंदगी की तलाश — ‘I Want To Talk’ एक खूबसूरत सिनेमा

I will live my life with three broken ribs, just like my broken heart.यह अर्जुन सेन कहता है, हॉस्पिटल के बेड पर लेटे हुए।...

ट्रोलिंग, मीम्स और कैंसिल कल्चर की त्रासदी — ‘Andragogy’ Review

हम अक्सर सोशल मीडिया पर 'ट्रोल' और 'मीम्स' देखकर जजमेंटल हो जाते हैं. एक छोटा सा क्लिप, किसी भी व्यक्ति का देखते हैं, और...

सैकड़ों अनजान लोगों के सपनों में दिखने वाला आदमी — ‘Dream Scenario’ Review

सोचिए कि अनजान लोग अचानक से आपको अपने सपने में देखने लगें तो?एक नहीं, दो नहीं, बल्कि सैकड़ों लोग. ऐसे लोग जिनसे आपका कोई...

अमर सिंह चमकीला’ — इम्तियाज़ अली की शानदार वापसी और एक दिल छू लेने वाली संगीत-गाथा

झूठ भला क्यों बोलोगे तुम, सब सच कहते होमेरी नहीं है दुनिया जिसमें, तुम सब रहते होदेख लीजिये Amar Singh Chamkila नेटफ्लिक्स पर। एक लंबे समय...

जब खामोशी कहानी बन जाती है — Wim Wenders की ‘Perfect Days’ का सिनेमाई अनुभव

हर पांच मिनट पर शॉकिंग सरप्राइज एलिमेंट, एड्रेनालाईन रश, और फास्ट-पेसिंग वाले सिनेमा को पसंद करने वाले दर्शक क्या साहस जुटा पाएंगे दो घंटे...

टूटी चीज़ों को जोड़ने का हुनर — दिल छू लेने वाली डॉक्यूमेंट्री

The Last Repair Shop इस साल की Oscar जीतने वाली एक शोर्ट डॉक्यूमेंट्री है जो एक अनोखे रिपेयर शॉप की कहानी है. यहाँ ये 80,000 से अधिक...

Haal Ki Kuch Baatein ..!

रायना की वजह से ज़रूरी और खास बना ये खट्टा-मीठा साल

इस साल की शुरुआत ही कुछ अजीब ढंग से हुई थी। 2024 के 30 दिसंबर को, मेरे मामा की तबीयत अचानक खराब हो गई...

ब्लैकआउट के बाद की सुबह

कभी-कभी ज़िंदगी में अजीब हादसे होते हैं। जो सोचा नहीं था, अक्सर वही हो जाता है।अभी परसों आधी रात की बात है। नींद में...

एक ऐसा हैंगओवर, जिसकी तलाश सालों से थी

किसी भी बड़े आयोजन के बाद जो एक मीठा-सा खालीपन बचता है, वही असली आफ्टर पार्टी इफ़ेक्ट होता है। वो थकान नहीं होती, बल्कि...

हर फैसला पैसों से नहीं लिया जाता – कुछ फैसले समझाए नहीं जाते

अक्सर ज़िंदगी एक जैसी नहीं रहती। कभी सब कुछ संतुलन में होता है, तो कभी अचानक हालात बदलने लगते हैं। और तब सबसे ज़्यादा...

जो तूफ़ान हमसे गुज़रा, उसे कौन समझे?

ज़िंदगी कभी-कभी ऐसे मोड़ पर ले आती है, जहाँ हमें कुछ ऐसे फैसले लेने पड़ते हैं जिनकी पीठ पर भारी बोझ होता है। देखने...

थोड़ा थका हूँ… टूटा नहीं हूँ: ज़िन्दगी से दो-चार होते कुछ साल और एक नई शुरुआत की उम्मीद

कभी-कभी ज़िन्दगी में ऐसा वक़्त आता है जब इंसान खुद को पहचान नहीं पाता. एक वक़्त था जब सब कुछ बिल्कुल ठीक था. 2018...

रायना की दूसरी फ्लाइट – डर, सीख और एक यादगार सफ़र

हमारी फ्लाइट थी — दिल्ली से वापस पटना की।हमने सोचा था कि जैसे पटना से दिल्ली आते समय रायना ने बिल्कुल भी परेशान नहीं...

जब रायना और अव्यय पहली बार मिले — दो मासूमों की पहली मुलाकात

इस ब्लॉग को शुरू किए हुए दस साल से ज़्यादा हो चुके हैं. हाँ, पिछले कुछ सालों से ये ब्लॉग नियमित नहीं रहा, लेकिन...