Personal Blog
Personal notes and diaries, nostalgic stories, memoirs, notes from childhood and my other experiences. Read all of my personal stories
रायना की वजह से ज़रूरी और खास बना ये खट्टा-मीठा साल
इस साल की शुरुआत ही कुछ अजीब ढंग से हुई थी। 2024 के 30 दिसंबर को, मेरे मामा की तबीयत अचानक खराब हो गई...
ब्लैकआउट के बाद की सुबह
कभी-कभी ज़िंदगी में अजीब हादसे होते हैं। जो सोचा नहीं था, अक्सर वही हो जाता है।अभी परसों आधी रात की बात है। नींद में...
एक ऐसा हैंगओवर, जिसकी तलाश सालों से थी
किसी भी बड़े आयोजन के बाद जो एक मीठा-सा खालीपन बचता है, वही असली आफ्टर पार्टी इफ़ेक्ट होता है। वो थकान नहीं होती, बल्कि...
हर फैसला पैसों से नहीं लिया जाता – कुछ फैसले समझाए नहीं जाते
अक्सर ज़िंदगी एक जैसी नहीं रहती। कभी सब कुछ संतुलन में होता है, तो कभी अचानक हालात बदलने लगते हैं। और तब सबसे ज़्यादा...
जो तूफ़ान हमसे गुज़रा, उसे कौन समझे?
ज़िंदगी कभी-कभी ऐसे मोड़ पर ले आती है, जहाँ हमें कुछ ऐसे फैसले लेने पड़ते हैं जिनकी पीठ पर भारी बोझ होता है। देखने...
थोड़ा थका हूँ… टूटा नहीं हूँ: ज़िन्दगी से दो-चार होते कुछ साल और एक नई शुरुआत की उम्मीद
कभी-कभी ज़िन्दगी में ऐसा वक़्त आता है जब इंसान खुद को पहचान नहीं पाता. एक वक़्त था जब सब कुछ बिल्कुल ठीक था. 2018...
रायना की दूसरी फ्लाइट – डर, सीख और एक यादगार सफ़र
हमारी फ्लाइट थी — दिल्ली से वापस पटना की।हमने सोचा था कि जैसे पटना से दिल्ली आते समय रायना ने बिल्कुल भी परेशान नहीं...
जब रायना और अव्यय पहली बार मिले — दो मासूमों की पहली मुलाकात
इस ब्लॉग को शुरू किए हुए दस साल से ज़्यादा हो चुके हैं. हाँ, पिछले कुछ सालों से ये ब्लॉग नियमित नहीं रहा, लेकिन...
क़ुतुब मीनार — यादों की धूप और रायना की पहली दिल्ली आउटिंग
आज हम कुतुब मिनार घूमने आए हैं। अब सवाल यह कि कुतुब मिनार ही क्यों? दरअसल, यह जगह रायना के पापा — यानी मेरे...
रिश्तों में इज़्ज़त चाहिए, इजाज़त नहीं
कभी–कभी कुछ सामाजिक व्यवहार दिल में बड़ी कोफ्त पैदा करते हैं। हमारा समाज परिवार की एकता पर गर्व करता है, पर धीरे–धीरे ऐसा लगता...
रायना की पहली फ्लाइट – पहली उड़ान, हजारों एहसास
कल का दिन बहुत बड़ा दिन था. पहली बार हमारी बेटी रायना ने शहर से बाहर कदम रखा और पहली बार उड़ान भरी.पहली बार...
A Big Milestone: रायना ने आज पहली बार अपने आप बैठना सीखा
आज का दिन बहुत ख़ास है। आज हमारी बेटी रायना ने पहली बार अपने आप बैठना सीख लिया।कहते हैं न — बच्चे धीरे-धीरे नहीं,...
Haal Ki Kuch Baatein ..!
रायना की वजह से ज़रूरी और खास बना ये खट्टा-मीठा साल
इस साल की शुरुआत ही कुछ अजीब ढंग से हुई थी। 2024 के 30 दिसंबर को, मेरे मामा की तबीयत अचानक खराब हो गई...
ब्लैकआउट के बाद की सुबह
कभी-कभी ज़िंदगी में अजीब हादसे होते हैं। जो सोचा नहीं था, अक्सर वही हो जाता है।अभी परसों आधी रात की बात है। नींद में...
एक ऐसा हैंगओवर, जिसकी तलाश सालों से थी
किसी भी बड़े आयोजन के बाद जो एक मीठा-सा खालीपन बचता है, वही असली आफ्टर पार्टी इफ़ेक्ट होता है। वो थकान नहीं होती, बल्कि...
हर फैसला पैसों से नहीं लिया जाता – कुछ फैसले समझाए नहीं जाते
अक्सर ज़िंदगी एक जैसी नहीं रहती। कभी सब कुछ संतुलन में होता है, तो कभी अचानक हालात बदलने लगते हैं। और तब सबसे ज़्यादा...
जो तूफ़ान हमसे गुज़रा, उसे कौन समझे?
ज़िंदगी कभी-कभी ऐसे मोड़ पर ले आती है, जहाँ हमें कुछ ऐसे फैसले लेने पड़ते हैं जिनकी पीठ पर भारी बोझ होता है। देखने...
थोड़ा थका हूँ… टूटा नहीं हूँ: ज़िन्दगी से दो-चार होते कुछ साल और एक नई शुरुआत की उम्मीद
कभी-कभी ज़िन्दगी में ऐसा वक़्त आता है जब इंसान खुद को पहचान नहीं पाता. एक वक़्त था जब सब कुछ बिल्कुल ठीक था. 2018...
रायना की दूसरी फ्लाइट – डर, सीख और एक यादगार सफ़र
हमारी फ्लाइट थी — दिल्ली से वापस पटना की।हमने सोचा था कि जैसे पटना से दिल्ली आते समय रायना ने बिल्कुल भी परेशान नहीं...
जब रायना और अव्यय पहली बार मिले — दो मासूमों की पहली मुलाकात
इस ब्लॉग को शुरू किए हुए दस साल से ज़्यादा हो चुके हैं. हाँ, पिछले कुछ सालों से ये ब्लॉग नियमित नहीं रहा, लेकिन...
